कर्मचारियों का विरोध पड़ा गूगल पर भारी, बंद हुआ प्रोजैक्ट ड्रैगनफ्लाई का डाटा एनालिसिस सिस्टम

चीन के लिए खास तैयार किए जा रहे प्रोजैक्ट ड्रैगनफ्लाई को लेकर गूगल को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। हालात यह हो गए कि अपने ही कर्मचारियों ने प्रोजेक्ट ड्रैगनफ्लाई का विरोध किया जिसके बाद कम्पनी की आंखे खुली और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अहम कदम उठाया गया। ड्रैगनफ्लाई प्रोजैक्ट पर काम करने के लिए गूगल ने एक डाटा एनालिसिस सिस्टम बनाया था जिसके ऑपरेशन को अब बंद कर दिया गया है। माना जा रहा है कि इस प्रोजैक्ट को भी अब पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा।

क्यों मॉनीटर हो रहा था डाटा

एंड्रॉयड अथोरिटी की रिपोर्ट के मुताबिक गूगल चीन की मशहूर सर्च और इनफोर्मेशन हब www.265.com के डाटा ट्रैफिक को मॉनीटर कर रही थी। जब यूज़र यहां पर आकर कुछ भी सर्च करते थे तो उन्हें चीन के सर्च इंजन Baidu पर फोरवर्ड कर दिया जाता था, लेकिन इस दौरान गूगल डाटा इकट्ठा करती थी ताकि पता लगाया जा सके कि चीनी लोग कैसी चीजों को सर्च करते हैं। इस डाटा को गूगल अपने ड्रैगनफ्लाई सर्च इंजन में देना चाहती थी लेकिन इसके ऑपरेशन को अब बंद कर दिया गया है।

इस कारण हुआ एक्शन

गूगल इंजनियर्स ने ड्रैगनफ्लाई प्रोजैक्ट से जुड़े डाटा को लेकर शीट्स निकाली जिनमें दिखाया गया कि कौन से लोग 265.com सर्च इंजन में एंटर हुए हैं। उन्होंने कहा कि गूगल की प्राइवेसी टीम को ड्रैगनफ्लाई सर्च इंजन के मुद्दे पर अंधेरे में रखा जा रहा है। अपने कर्मचारियों की ही ऐसी बातें जानने के बाद अब गूगल ने एक्शन लिया है।

इससे पहले CEO ने दी थी जानकारी

पिछले सप्ताह गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने यूएस हाउस जुडिशरी कमेटी में कहा था कि उनका कोई प्लान नहीं है कि सर्च प्रोडक्ट को चीन के लिए लॉन्च किया जाए। अब कम्पनी में काम करने वाले इंजनियर्स के कई ग्रुप्स को ड्रैगनफ्लाई प्रोजैक्टस से पूरी तरह से हटा लिया गया है और इन्हें चीन के लिए तैयार करने वाले प्रोजैक्ट्स की बजाए भारत, इंडोनेशिया, रूस, मध्य पूर्व और ब्राजील की तरफ ध्यान एकत्रित करने को कहा गया है।

गूगल कर्मचारियों ने किया था विरोध

कर्मचारियों ने विरोध करते हुए कहा था कि प्रोजैक्ट ड्रैगनफ्लाई को लेकर गूगल उन्हें पूरी तरह से जानकारी दे और इसके काम करने के तरीके के बारे में बताए। उन्हें लग रहा है कि इस खास सर्च इंजन से लोगों के मानवाधिकारों का उल्लंघन हो सकता है जिससे बहुत ही बड़ी समस्या पैदा हो सकती है।

ड्रैगनफ्लाई प्रोजैक्ट को लेकर पूरी जानकारी

ड्रैगनफ्लाई प्रोजैक्ट के तहत गूगल चीन के लिए एक खास तरह का सर्च इंजन बना रहा था। इस ब्राऊजर में बैंन वैबसाइट्स को आसानी से सर्च रिजल्ट्स से रिमूव किया जा सकता था। यानी इसमें से विवादित मुद्दों को रिमूव किया जा सकता था। समस्या की बात यह थी कि गूगल दुनिया भर के अन्य देशों को इस तरह के फीचर्स नहीं देती है। मुनाफे के लिए गूगल लोगों के मानवाधिकारों का व्यापार करना चाहती है और अगर ऐसा नहीं है तो उसे अन्य देशों में भी इस तरह के फीचर देने होंगे। इसको लेकर ट्विटर पर भी #DropDragonfly नाम से विरोध लोगों ने जताना शुरू कर दिया था जिसके बाद अब इस प्रोजैक्ट से जुड़े डाटा कलैक्शन ऑपरेशन को बंद कर दिया गया।

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