भारत मेें अशांति फैला रहा पाक आंतकी हाफिज का संगठन, ED ने कसा शिकंजा

भारत मेें अशांति फैला रहे पाकिस्तान के आंतकी व मुंबई हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद के संगठन फलाह-ए-इंसानियत पर शिकंजा कसते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इसके खिलाफ PMLA के तहत केस दर्ज किया है। आंतकी संगठन पर हवाला के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का आरोप है। यह केस राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की FIR के आधार पर दर्ज किया गया है।
केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (यूएपीए) के तहत पिछले साल सितंबर में दर्ज की गई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एफआईआर का संज्ञान लेते उसने यह कड़ा कदम उठाया है। एनआईए ने इस मामले में तलाशी ली थी और चार दर्जन से अधिक सिम कार्ड, फोन और 1. 56 करोड़ रुपए की संदिग्ध रकम जब्त की थी। साथ ही, इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
फलाह-ए-इंसानियत के सदस्य को 1.5 करोड़ की नेपाली करंसी और 43 हजार रुपए के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से 14 मोबाइल और 5 पेन ड्राइव भी बरामद की गई थीं। गिरफ्तार किए गए शख्स की पहचान मोहम्मद सलमान के तौर पर की गई है। वह दुबई में रहने वाले एक पाकिस्तानी नागरिक से नियमित रूप से संपर्क में था, जो फलाह-ए-इंसानियत के उप प्रमुख से संबंध रखता था। सलमान पर आरोप है कि उसने हवाला के जरिए फलाह-ए-इंसानियत के संचालकों से धन हासिल किया। साथ ही, उसने और अन्य लोगों ने पाकिस्तान एवं संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के विभिन्न लोगों से कथित तौर पर अवैध धन प्राप्त किया।
बता दें कि हाफिज सईद का यह संगठन पाकिस्तान के लाहौर से संचालित होता है। इसके संबंध अन्य आतंकी संगठनों से भी हैं और कश्मीर में भी इसकी शाखाएं फैली हुई हैं। एक साल पहले एनआईए ने संगठन के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी और हथियारों के साथ कई दस्तावेज भी बरामद किए गए थे। गौरतलब है कि शुक्रवार को भारत की तरफ से हाफिज सईद को ‘नोट वर्बल’ भेजा गया था जिसमें इस्लामाबाद में कश्मीर मुद्दे पर हाफिज की रैली का विरोध किया गया था। ‘नोट वर्बल’ राजनयिक द्वारा भेजा गया एक दस्तावेज होता है जिसमें हस्ताक्षर नहीं होते हैं।

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